सबसे प्रमुख परिवर्तन 'सरकोपेनिया' या मांसपेशियों के द्रव्यमान में प्राकृतिक कमी है। चूंकि मांसपेशियां शरीर में ग्लूकोज का सबसे बड़ा उपभोक्ता हैं, इसलिए उनकी कमी का सीधा असर इस बात पर पड़ता है कि हमारा शरीर शर्करा को कितनी कुशलता से संसाधित करता है।
इसके अतिरिक्त, वसा कोशिकाओं का वितरण बदलता है, जो अक्सर पेट के आसपास केंद्रित हो जाता है। यह केवल सौंदर्य का विषय नहीं है, बल्कि यह आंतरिक संतुलन के लिए एक संकेत है कि हमें अपनी दिनचर्या में बदलाव लाने की आवश्यकता है।